ସେତେବେଳେ ସମାଜର ଏକ ଘୋର ସନ୍ଧିକ୍ଷଣ। ସାମାଜିକ ଅନ୍ୟାୟ, ଅବ୍ୟବସ୍ଥା ଓ ଦୁବ୍ୟବହାରର ପ୍ରତିକ୍ରିୟାରୂପୀ ତୁଷାନଳ...
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ମାର୍ଗଦର୍ଶୀ ବଲ୍ଲଭ
ସମଗ୍ର ଭାରତକୁ ଦକ୍ଷିଣ-ଭାରତର ଏକ ସୁମହତ୍ ଦାନ – ଆଚାର୍ଯ୍ୟ ବଲ୍ଲଭ। ଭକ୍ତିରସରେ ଯେତେବେଳେ ଦକ୍ଷିଣ-ଭାରତ...
ମହାତ୍ମା ମଧ୍ଵାଚାର୍ଯ୍ୟ
ସେ ଆଜି ଅବତାରରୂପେ ଗଣ୍ୟ ନୁହନ୍ତୁ, ଏକ ବିରାଟ ଧର୍ମ-ସମ୍ପ୍ରଦାୟର ପ୍ରବର୍ତ୍ତକରୂପେ ତାଙ୍କର ବିଶେଷ ପରିଚୟ ଆଜି ଜଗତ୍...
ମହାମନା ରାମାନୁଜ
ମନୁଷ୍ୟ ତାର ବୁଦ୍ଧି ଦ୍ବାରା ନିଚ୍ଛକ ଜ୍ଞାନଯୋଗ ବଳରେ ଈଶ୍ଵର ଉପଲବ୍ ପ୍ରୟାସକ୍ରମେ ଏପରି ଏକ ସୀମାନ୍ତରେ ଆସି ପ୍ରବେଶ...
ଆଚାର୍ଯ୍ୟ ଶଙ୍କର
ଭାରତୀୟ ଜୀବନରେ ସେତେବେଳେ ଘୋର ସଂକଟକାଳ। ଜୀବନଦର୍ଶନର ବହୁମୁଖୀ ପ୍ରସାର ମନୁଷ୍ୟକୁ ସଂଶୟ-ତମସରେ ଆଚ୍ଛନ୍ନ କରି...
जय और विजय को शाप क्यों मिला?
दोपहर के पूर्व का समय था। बैकुंठ लोक में भगवान विष्णु के द्वार पर दो प्रहरी पहरा देने के उद्देश्य...
आखिर ऋषि दुर्वासा ने क्यों माँगी क्षमा?
अंबरीष एक प्रजापालक और हरिभक्त राजा थे। उनकी रानी भी उन्हीं की भाँति वैष्णव विचारों की पति-परायण...
कृष्ण ने मगरमच्छ को क्यों मारा? व गजेंद्र मोक्ष
एक बार हू-हू नाम का एक गंधर्व स्त्रियों के साथ वन-विहार के लिए निकला। त्रिकूट पर्वत के मध्य ऋतुमान...
आखिर समुद्र मंथन क्यों हुआ था?
महर्षि दुर्वासा के शाप से देवता तेजहीन हो गए तो असुर और दैत्यों ने उन पर मनमाने अत्याचार करने आरंभ...
दधीचि ने अस्थि दान क्यों किया?
एक बार देवराज इंद्र के मन में अभिमान पैदा हो गया जिसके फलस्वरूप उसने देवगुरु बृहस्पति का अपमान कर...
अजामिल कौन था? नारायण नाम की महिमाअजामिल कौन था?
अजामिल के पिता एक धर्मपरायण व्यक्ति थे। वह शास्त्रों के अनुसार विधिवत भगवान विष्णु, अग्नि और सूर्य...
ମହାକବି କାଳିଦାସ
‘ଆଷାଢ଼ସ୍ୟ ପ୍ରଥମ ଦିବସେ’ – ରାମଗିରିର ତୁଙ୍ଗ ଶୈଳଶୃଙ୍ଗ ଉପରେ ପ୍ରୀତି ସ୍କି ଗ୍ଧ, ଜନପଦବଧୂଲୋଚନ ପୀୟମାନ ଶ୍ୟାମଳ...

