एक बार त्जेकुंग ने महात्मा कन्फ्यूयिशस से पूछा – “सुचारु राज्य संचालन के लिए किन-किन वस्तुओं...
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दीनबंधु एंड्रूज
स्वर्गीय दीनबंधु एंड्रूज बड़े ही उदारमना थे। गरीबों की सेवा ही वे सबसे बड़ा धर्म मानते थे। एक बार...
डायोजिनीज
यूनान का एक प्रसिद्ध तत्त्ववेत्ता डायोजिनीज, जोकि सुकरात का चेला था, अपना जीवन एक माँद में ही बिता...
निवेदिता का धर्म प्रचार
स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा से अनेक कर्मवीर भारतीय वेदांत के प्रचार के लिए अमेरिका जाते थे। एक दिन...
गांधीजी की अहिंसा
एक दिन गांधीजी ने यरवदा जेल में अपने एक साथी से कहा- आज रात मुझे बड़ी देर तक नींद नहीं आई। में सोने...
गांधीजी की सेवा
जाड़े के दिन थे। गांधीजी सेवाग्राम स्थित अपने आश्रम की गोशाला में पहुँचे। गायों की पीठ पर हाथ फेरा...
गुरु गोविंदसिंह की महिमा
नीचे वेगवती और निर्मल यमुना बह रही थी ऊपर से चट्टानी तट उसपर झुका हुआ था। चारों ओर वन- निविड़...
किशोरलाल मशरूवाला के विचार
किशोरलाल मशरूवाला गांधीजी से कहते थे – “मैं आपका अनुयायी नहीं हूँ, आपके साथ-साथ चलने का...
गुरुदेव और अभय
एक दिन गुरुदेव प्रातः टहलने निकल पड़े। साथ में उनका प्रिय शिष्य अभय भी चल दिया। मार्ग में यत्र-तत्र...

