“जमींदारी गाड़ी के पाँचवें पहिये के समान है— अर्थात् केवल निरर्थक ही नहीं, बस अड़ंगा लगाने...
Latest Stories
नागरिक के अधिकार व कर्त्तव्य
मानव एक सामाजिक प्राणी है। मानव और समाज का पारस्परिक संबंध अत्यंत प्राचीन काल से चला आ रहा है।...
प्रथम पंचवर्षीय योजना
किसी समय पंचवर्षीय योजना का शब्द सर्वथा अपरिचित व नया रहा होगा, किंतु आज तो इस शब्द को सभी जानते...
भारत का महान् उज्ज्वल भविष्य
एक प्राचीन उक्ति है कि देवता भी भारत में जन्म लेने के लिए तरसते थे। वस्तुतः हमारी भारत-भूमि इतनी...
राज्यों का पुनर्गठन
स्वाधीनता प्राप्ति से पहले हमारे देश की तीन बड़ी राजनैतिक समस्याएँ थीं। पहली और सबसे बड़ी समस्या यह...
स्वतंत्र भारत के दस वर्ष (1957)
एक विद्वान का कथन है कि “देश की उन्नति उस समय रुक जाती है जबकि वह पराधीनता के पाश में जकड़...
धर्म-निरपेक्ष भारत
भारतवर्ष के संविधान की एक बहुत बड़ी विशेषता यह है कि यह धर्म – निरपेक्ष राज्य है। अंग्रेजी...
जगद्गुरु भारत
वर्ष 1954 में भारत के प्रधानमंत्री और लोकनायक पंडित जवाहरलाल नेहरू ने विदेशों में जाकर पंचशील के उस...
हमारा महान संविधान
अत्यंत प्राचीन काल में एक बहुश्रुत भारतीय कथा के अनुसार जब देश में अराजकता थी, मत्स्य-न्याय का...

