आज के कुछ दशकों पहले बुद्ध – पूर्णिमा (24 मई 1956) को भारत तथा अन्य अनेक पूर्वी एशिया के...
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हमारे पड़ोसी
राजनीतिज्ञ आचार्य महामति चाणक्य ने कहा है कि सामान्यतया पड़ोसी देश अपना शत्रु होता है और उसके साथ...
पंचशील
जिन कुछ शब्दों ने आज के अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में बहुत अधिक महत्त्व प्राप्त कर लिया है, उनमें से...
भारत की विदेश नीति
जब तक भारत पराधीन था, उसकी अपनी कोई अंतर्राष्ट्रीय राजनीति नहीं थी। ब्रिटिश सरकार की नीति भारत...
संयुक्त राष्ट्रसंघ
आदि काल से जब इस धरती पर मानव ने जन्म लिया था, उसमें दो परस्पर विरोधी भावनाएँ एक साथ पनपती रही हैं।...
विश्व विनाश के कगार पर
मनुष्य का विकास पशुओं से हुआ है, यह सिद्धांत सत्य हो या न हो, पर इसकी पुष्टि मनुष्य के स्वभाव से...
सहकारी पद्धति
“मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि जब तक हम सहकारी खेती का ढंग नहीं अपनाएँगे, तब तक हमें खेती का...
सामुदायिक योजना
“इस समय शक्ति का केंद्र नई दिल्ली है, कलकत्ता है, बंबई है या बड़े शहरों में है। मैं इसे भारत...
साहित्य और समाज अथवा साहित्य समाज का दर्पण
आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी ने लिखा है ‘ज्ञान राशि के संचित कोश का नाम साहित्य है।’...

