विधाता ने विश्व में दो प्रकार के जीव उत्पन्न किए हैं। एक पशु-पक्षी और दूसरे सरे मनुष्य दान हैं।...
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औद्योगीकरण – लाभ पक्ष एवं हानि पक्ष
औद्योगीकरण शब्द उद्योग से बना है, इसका तात्पर्य है देश में विभिन्न प्रकार के उद्योगों का विकास ।...
आत्मनिर्भरता अथवा स्वावलंबन की उपयोगिता एवं आवश्यकता
आत्मनिभर्रता से तात्पर्य है – अपने ऊपर निर्भर रहना। जब मनुष्य अपने कार्य स्वयं करता है तो वह...
अनुभव सबसे अच्छा शिक्षक है।
मनुष्य सामाजिक प्राणी है। वह अकेला नहीं रह सकता। उसे परिवार, मित्र, दुकानदार, डॉक्टर आदि सभी की...
नए दशमिक सिक्के व नाप-तोल
: 15 : नए दशमिक सिक्के व नाप-तोल अज्ञात काल से भारत में रुपये, आने, पाई आदि सिक्कों ; तोला, माशा...
भूदान यज्ञ
18 अप्रैल, 1951 का दिन था, जब द्वितीय महायुद्ध के प्रथम सत्याग्रही आचार्य विनोबा भावे ने अपने भूदान...
द्वितीय पंचवर्षीय योजना
प्रथम पंचवर्षीय योजना के निर्माण के समय ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि आर्थिक विकास के लिए यह तो...
भारत की औद्योगिक नीति
किसी देश की औद्योगिक नीति वहाँ की परिस्थिति से, आवश्यकताओं और आर्थिक व राजनैतिक विचारधाराओं से...
बेकारी की विकट पहेली
करीब सात-आठ वर्ष पूर्व जब आचार्य विनोबा भावे प्रथम योजना आयोग के सदस्यों से मिले थे, तब उन्होंने...

